पश्चिम बंगाल में ED अधिकारियों पर हमला: तनावपूर्ण टकराव का सार


पश्चिम बंगाल में पिछले कुछ दिनों से उथल-पुथल का माहौल बना हुआ है, प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अधिकारियों द्वारा राज्य के 15 विभिन्न स्थानों पर की जा रही छापेमारी के चलते। इनमें से एक प्रमुख स्थान टीएमसी नेता शेख सजहान का निवास स्थान है, जिसने स्थिति को और संवेदनशील बना दिया है।

ED, पश्चिम बंगाल

राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस ने इस पूरे प्रकरण की कड़ी निंदा की है, इसे चिंताजनक, निंदनीय और जघन्य बताते हुए। उन्होंने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि बंगाल कोई “केले का गणराज्य” नहीं है और सरकार को राज्य में “बर्बरता और गुंडागर्दी” रोकने के लिए सख्त कदम उठाने चाहिए। चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि अगर ममता बनर्जी सरकार अपने मूल कर्तव्यों में विफल रहती है, तो भारत का संविधान कार्रवाई करेगा।

ED की छापेमारी के दौरान उत्तरी 24 परगना जिले में शेख सजहान के घर पर एक गंभीर घटना हुई। टीएमसी समर्थकों के एक बड़े समूह ने ED अधिकारियों को घेर लिया और उन पर हमला कर दिया, साथ ही उनके वाहनों में भी तोड़फोड़ की। यह घटना इस जांच पर राजनीतिक रंग चढ़ाती है, क्योंकि शेख सजहान को राज्य के एक मंत्री का करीबी सहयोगी माना जाता है।

हालात इतने बिगड़ गए कि अधिकारियों को अपनी सुरक्षा के लिए भागना पड़ा और कई घायल हो गए, जिनमें से दो को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। इस हिंसा की भाजपा ने निंदा की है और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) से मामले की जांच की मांग की है। दूसरी तरफ टीएमसी समर्थकों का आरोप है कि उन्हें केंद्रीय बलों द्वारा उकसाया गया था।

फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और जांच एजेंसियां पूरे मामले की गहनता से पड़ताल कर रही हैं। आने वाले दिनों में इस घटनाक्रम से जुड़े और ज्यादा खुलासे होने की उम्मीद है। यह देखना बाकी है कि इस तनावपूर्ण टकराव का पश्चिम बंगाल की राजनीति पर क्या भविष्य का प्रभाव पड़ेगा।

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